झारखंड न्यायालय अपडेट: सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में 154 अभ्यर्थियों को मिली जमानत
Jharkhand Court Update
रांची। Jharkhand Court Update, अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपित 154 अभ्यर्थियों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपित अभ्यर्थियों की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
जमानत पाने वालों में सात महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। अदालत ने सभी आरोपितों को 20-20 हजार रुपये के दो जमानतदार प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह शर्त भी रखी है कि दोनों जमानतदारों में से एक परिवार का सदस्य होना अनिवार्य होगा।
सभी आरोपितों को 12 अप्रैल को तमाड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 13 अप्रैल को अदालत में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया था। तभी से सभी जेल में है। आरोपितों ने जमानत की गुहार लगाते हुए अलग-अलग 83 याचिकाएं दाखिल गई। इसमें से 78 याचिकाओं को निष्पादित कर दिया गया। अन्य चार याचिकाओं पर सुनवाई 16 मई को निर्धारित है।
अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे
बता दें कि यह मामला तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज से जुड़ा है, जहां पुलिस छापेमारी के दौरान पेपर लीक और सौदेबाजी के संगठित रैकेट का खुलासा हुआ था।
जांच में सामने आया था कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और इसके बदले मोटी रकम वसूली जा रही थी। जबकि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।
कमीशन घोटाला मामले में अभियंंता ने किया सरेंडर
टेंडर आवंटन के बाद कमीशन घोटाला मामले में आरोपित सेवानिवृत्त सहायक अभियंता रामपुकार राम ने ईडी कोर्ट में सरेंडर किया है। इस दौरान उनकी ओर से जमानत याचिका भी दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने एक लाख के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत की सुविधा प्रदान की है। अदालत ने सुनवाई की निर्धारित हर तिथि में हाजिर होने की शर्त लगाई है।
मामले में ईडी 14 आरोपितों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। टेंडर आवंटन के बाद कमीशन घोटाला मामले को लेकर ईडी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी रहे संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के ठिकाने से 30 करोड़ से अधिक नकद बरामद किया था। मामले में पूछताछ के बाद आलमगीर आलम को ईडी ने गिरफ्तार किया था।